विष के दाँत

By नलिन विलोचन शर्मा 186 पढ़ा गया | 5.0 out of 5 (1 रेटिंग्स)
Literature & Fiction Social Mini-SeriesEnded2 एपिसोड्स
‘विष के दाँत’ महल और झोपड़ी की लड़ाई की कहानी है। सेन साहब जैसे सफ़ेदपोश महत्त्वाकांक्षी लोगों के मानसिक और सामाजिक जीवन के विविध प्रसंगों और कुंठित विचारों के सामने गिरधर जैसे निम्न मध्यमवर्गीय व्यक्ति का जीवन है जो अनेक तरह की थोपी हुई बंदिशों के बीच अपने अस्तित्व को बहादुरी और साहस के साथ बचाए रखने के लिए संघर्षरत रहता है। यह कहानी सामजिक भेद-भाव, लिंग-भेद और आक्रामक स्वार्थ की छाया में पलते हुए लाड़-प्यार के कुपरिणामों को ‘विष के दाँत’ बनने का विशेष अर्थ देती है। उन दाँतों का टूटना अमीरों की प्रदर्शन-प्रियता और गरीबों पर उनके अत्याचार के विरुद्ध एक चेतावनी है, सशक्त विद्रोह है।
रेटिंग्स और रिव्युज़
1 रेटिंग्स
5.0 out of 5
पूर्व गतिविधि
"Shivangi Sharma"

समाज की दुःखद सच्चाई को उधेड़ती कुछ अलग सी कहानी । 5 stars ⭐⭐⭐⭐⭐ from my sid...Read more

"Shivangi Sharma"

समाज की दुःखद सच्चाई को उधेड़ती कुछ अलग सी कहानी । 5 stars ⭐⭐⭐⭐⭐ from my sid...Read more

"Ankita Chauhan"

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एपिसोड 2 03-05-2022
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